Saturday, 7 July 2018

f1 to f12

F1 Key

F1 Key का इस्तेमाल किसी भी सॉफ्टवेर के Help और Support Center ओपन करने के लिए किया जाता है।जब भी आप किसी सॉफ्टवेयर के खोलने के बाद उसमें F1 Key दबाते हैं तो आप उसके बारे में और जानकारी पा सकते हैं।

F2 Key

यह सिस्टम Reserve Key है। इसमें आप किसी भी फोल्डर पर क्लिक करके अगर आप तो F2 दबाते हैं तो आपक आप उसका नाम बदल सकते हैं। इसके लिए आपको Right क्लिक करके Rename पर क्लिक करने की जरूरत नहीं होगी आप सीधे F2 बटन दबाएं और आप अपने फोंल्डर का नाम आसानी से चेंज कर सकते है।

F3 Key

F3 Key सर्च करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जैसे आप किसी भी ब्राउजर में सर्च करते है। जैसे की आप किसी सर्च बार पर क्लिक करते हैं और वहां पर आप सर्च करते हैं। इसी तरीके से यह भी जब आप F3 बटन प्रैस करके Enter बटन प्रैस करते हैं तो यह सीधा विंडो के सर्च बार में खुल जाएगा और इसके बाद आप यहाँ पर फाइल सर्च कर सकते हैं या फिर आप कोई वेबसाइट भी सर्च कर सकते हैं। यह इंटरनेट और हार्ड डिस्क के सभी फोल्डर पर काम करती है।

F4 Key

इस Key का इस्तेमाल अकेले नही होता है इसके लिए आपको Ctrl और Alt की का इस्तेमाल करना होता है यह ज़्यादातर किसी भी सॉफ्टवेर को बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसका इस्तेमाल आप अपना कम्प्युटर बंद करने के लिए भी कर सकते है।

F5 Key

इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है और हर किसी को इसके इस्तेमाल का पता होता है। इसका ज़्यादातर इस्तेमाल Desktop को Refresh करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा आप इससे अपने इंटरनेट के पेज को Reload कर सकते है।

F6 Key

इसका इस्तेमाल Selection करने के लिए किया जाता है जैसे की आप अभी इंटरनेट Browser मे है तो आप इसको यहीं पर टेस्ट करके देख सकते है। इसके लिए आप अपने कर्सर को Address बार पर ले जा कर क्लिक करे उसके बाद आप F6 बटन को प्रैस करे यह आपके पुराने कर्सर पॉइंट पर आ जाएगा और एक बार फिर प्रैस करने पर यह वापिस एड्रैस बार पर चला जाएगा।

F7 Key

इसका इस्तेमाल विंडो मे नही होता है लेकिन आप इसको किसी भी सॉफ्टवेर के साथ कनैक्ट कर सकते है। लेकिन कनैक्ट करने के बाद यह की Key तभी काम करती है जब आपको वह Software ओपन या एक्टिवेट हो।

F8 Key

कम्प्युटर के शुरू होने के बाद और विंडो Startup होने से पहले इस Key का इस्तेमाल इसके Menu ओपन करने के लिए किया जाता है। इससे आप अपने कम्प्युटर के कई फंकशन को Change कर सकते है। जैसे की अगर आपको पेन ड्राइव से विंडो इन्स्टाल करना है तो आप इस Key का इस्तेमाल करके अपने कम्प्युटर के फंकशन को बदल कर सकते है।

F9 Key

इसका इस्तेमाल विंडो मे नही होता है लेकिन आप इसको किसी भी सॉफ्टवेर के साथ कनैक्ट कर सकते है। लेकिन कनैक्ट करने के बाद यह की Key तभी काम करती है जब आपको वह Software ओपन या एक्टिवेट हो। उदाहरण के तौर पर आप इसका इस्तेमाल Media Classic Player में गाने Change करने के लिए भी कर सकते है।

F10 Key

इस Key को दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे अगर आप अभी अपने Browser में इसको प्रैस करते है तो इससे आपका Browser का File मेनू Automatic सिलैक्ट हो जाएगा। इसके अलावा अगर आप Shift+F10 का इस्तेमाल करते है इससे आपका Right मेनू ओपन हो जाएगा।

F11 Key

इस Key का इस्तेमाल ज़्यादातर Browser और Microsoft कई तरह के सॉफ्टवेर को Full Screen मोड़ ऑन करने करने के लिए भी किया जाता है। आप इसको कई तरह के Video Player मे भी इस्तेमाल कर सकते है। इसका काम सिर्फ Full Screen करने के लिए किया जाता।

F12 Key

इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा ब्राउज़र मे किया जाता है जब ब्राउज़र मे इसको प्रैस किया जाता है तब यह Developer ऑप्शन को ओपन करता है जो की कई तरह के Software मे बदलाव करने के लिए भी किया जाता है।
इन सबके अलावा अगर आप इनका इस्तेमाल Shift, Ctrl, Alt, और Window Key के साथ कई तरह के और काम भी कर सकते है। अगर आपको इसके अलावा कोई सवाल है तो आप नीचे Comment Box मे लिख सकते है या फिर हमारे Facebook Page पर कमेंट कर सकते हैं।

खोज युक्तियों का प्रयोग

खोज युक्तियों का प्रयोग
इन्टरनेट पर जब भी हमें कोई जानकारी चाहिए होती है तो हम सबसे पहले किसी सर्च इंजन जैसे गूगल या याहू पर ही जाते हैं। हालाँकि अक्सर केवल शब्द डालने से ही हमें वह जानकारी मिल जाती है परन्तु कभी-कभी हम चाहते कुछ हैं और सर्च इंजन हमें कुछ और दिखा रहा होता है। ऐसी स्थिति में हम कुछ युक्तियों का उपयोग करके अपनी मनचाहे खोज परिणाम पा सकते हैं। आइए गूगल की इन युक्तियों के बारे में जानें :-

१. वाक्यांश खोज (" ") :- 
यदि हम शब्दों के समूह के दोनों ओर उद्धरण चिह्नों (" ") का प्रयोग करते हैं तो हमारा सर्च इंजन बिना कोई बदलाव किए, उसी क्रम में हमें परिणाम दिखाता है। गूगल आपके द्वारा दिए गए शब्दों के क्रम को तथा उनकी युग्मता को ध्यान में रखते हुए खोज करता है इसलिए बिना उद्धरण चिह्नों के भी हमें अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
ध्यान दें कि उद्धरण चिह्न लगाने पर हमसे कुछ परिणाम छूट भी सकते हैं जैसे अगर आपने उद्धरण चिन्हों में "पंडित नेहरू" दिया तो पंडित जवाहरलाल नेहरू वाले परिणाम छूट सकते हैं। इसके उलट अगर आपको किन्हीं "जवाहरलाल मिश्रा" के बारे में खोज करनी है तो आपको उद्धरण चिह्न लगाने पड़ेंगे नहीं तो आपके परिणामों में अत्यधिक प्रसिद्धता के कारण जवाहरलाल नेहरू के भी परिणाम आ जायेंगे।

२. किसी एक ही जालघर पर खोज (site:) :-

गूगल के द्वारा हम अपनी खोज को किसी एक जालघर तक सीमित कर सकते हैं या किसी एक जालघर पर ही खोज कर सकते हैं। उदाहरण के लिए [अमृतलाल नागर site:abhivyakti-hindi.org] से हमें abhivyakti-hindi.org पर अमृतलाल नागर का उल्लेख करने वाले सभी पृष्ठों की जानकारी मिल सकती है। हम अपनी खोज को किसी टॉप लेवल डोमेन तक भी सीमित कर सकते हैं। जैसे :- [site:.ac.in] साथ में दे कर हम उन सभी जालघरों पर खोज कर सकते हैं जिनके नाम के अन्त में ac.in लगा हो। (भारत में पंजीकृत शैक्षिक संस्थाओं के जालघर) [site:.in] साथ में दे कर हम उन सभी जालघरों पर खोज कर सकते हैं जिनके नाम के अन्त में .in लगा हो। (भारत में पंजीकृत जालघर) [site:.edu] साथ में दे कर हम उन सभी जालघरों पर खोज कर सकते हैं जिनके नाम के अन्त में .edu लगा हो। (समपूर्ण विश्व में (मुख्यतः संयुक्त राज्य अमरीका में) पंजीकृत शैक्षिक संस्थाओं के जालघर)

३. वर्जित शब्द (-) :-
किसी भी शब्द के पहले ऋण चिह्न (-) लगाकर हम अपनी खोज से उस शब्द से सम्बन्धित जालपृष्ठों को हटा सकते हैं। ध्यान दें कि ऋण चिह्न शब्द के आरम्भ में होना चाहिए और उससे पहले एक खाली जगह होनी चाहिए। उदाहरण के लिए अगर हम [anti-virus software] लिखते हैं तो यहाँ पर सर्च इंजन ऋण चिह्न (-) को वर्जित शब्द की तरह प्रयोग नहीं करेगा और आपको ऐंटीवाइरस अनुप्रयोगों के बारे में परिणाम दिखाएगा। इसके उलट अगर आपको विषाणुरोधियों के बारे में खोज करनी है तो [antivirus -software] ऐसे पृष्ठों की खोज करेगा जिसमें antivirus शब्द होगा लेकिन software शब्द नहीं होगा। एक बार में एक से ज्यादा शब्दों को भी वर्जित किया जा सकता है।

४. अनजाने शब्दों का प्रयोग  (*) :-
अगर आपको किसी वाक्यांश का कोई शब्द याद नहीं है या किसी वाक्यांश में आप एक जगह पर कई शब्दों को रख कर खोजना चाहते हैं तो * चिह्न का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिये [google *] लिखने पर हमें गूगल के कई प्रयोगों तथा अनुप्रयोगों के बारे में पता चल जायेगा। [भारतीय * की स्थिति] देने पर हम भारत की बहुत सी चीज़ों की स्थिति के बारे में जान सकते हैं।

५. अनिवार्य शब्द (+) :-
धन चिह्न (+) के दो प्रयोग होते हैं :-

(१) किसी बहुशब्दीय खोज में किन्हीं शब्दों की उपस्थिति अनिवार्य करना।
(२) गूगल अपने आप खोज में पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग कर लेता है लेकिन कभी-कभी हमें बिलकुल उसी शब्द की खोज करनी होती है तब ऐसी स्थिति में पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग रोकने के लिए हम धन चिह्न (+) का प्रयोग करते हैं।

६. OR शब्द :- 
गूगल आपके खोज के सभी शब्दों को ध्यान में रखकर खोज करता है। अगर आप "कुछ शब्दों में से किसी एक" की तरह की खोज करना चाहते हैं तो हम OR शब्द का प्रयोग करते हैं। OR शब्द का बड़े अक्षरों (कैपिटल लेटर्स) में लिखा जाना अ
निवार्य है। उदाहरण के लिए [World Cup 2003 OR 2007] आपको 2003 या 2007 के वर्ल्ड कप के परिणाम दिखायेगा। अगर आप OR शब्द का प्रयोग नहीं करेंगे तो आपको केवल वही परिणाम दिखेंगे जिनमें दोनों वर्ल्ड कप की जानकारी होगी।

(यह युक्तियाँ गूगल ने मोर सर्च हेल्प(More search help) के शीर्षक से यहाँ दे रखी हैं) इन युक्तियों के साथ आपकी खोज और बेहतर हो यही हमारी शुभकामना है

Tuesday, 26 June 2018

protocol

What is Protocol

प्रोटोकॉल नियमो का समूह होता है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जोड़ने एवं उनके बीच में सूचना के आदान प्रदान के लिए बनाया गया है | प्रोटोकॉल नेटवर्क से जुड़े डिवाइस के बीच में डाटा का स्थान्तरण नियंत्रित करता है, यदि समस्या आती है तब error मेसेज दर्शाता है साथ ही स्थान्तरण की प्रक्रिया के अनुसार डाटा को संभालता है | एक डिवाइस से डाटा कैसे जाना चाहिए तथा दूसरे डिवाइस को डाटा कैसे प्राप्त करना है, यह प्रोटोकॉल निश्चित करता है |इंटरनेट पर सुचारू रूप से कार्य करने के लिये विभिन्न तकनीक की आवश्यकता होती है। इनमे से वेब प्रोटोकाॅल मुख्य भाग है। इंटरनेट को सुचारू व सफल बनाने मे वेब प्रोटोकाॅल का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इंटरनेट पर विभिन्न प्रोटोकाॅल का प्रयोग होता है अतः इन्हे वेब प्रोटोकाॅल कहा जाता है।
Types of Protocols-

types of virus

कम्प्यूटर वायरस के प्रकार( Types of Computer Virus)

  • बूट सेक्टर वायरस (Boot Sector Virus) – इस प्रकार के वायरस फ्लापी तथा हार्डडिस्क के बूट सेक्टर में संगृहीत होते है| जब कम्प्यूटर को प्रारम्भ करते है तब यह आपरेटिंग सिस्टम को लोड होने में बाधा डालते है और यदि किसी तरह आपरेटिंग सिस्टम कार्य करने लगता है तब यह कम्प्यूटर के दुसरे संयंत्रो को बाधित करने लगते है|
  • पार्टीशन टेबल वायरस (Partition Table Virus) – इस प्रकार के वायरस हार्ड डिस्क के विभाजन तालिका को नुकसान पहुचाते है| इनसे कम्प्यूटर के डाटा को कोई डर नही होता| यह हार्डडिस्क के मास्टर बूट रिकार्ड को प्रभावित करता है तथा निम्नलिखित परिणाम होते है|
  1. यह मास्टर बूट रिकार्ड के उच्च प्राथमिकता वाले स्थान पर अपने आप को क्रियान्वित करते है|
  2. यह रैम की क्षमता को कम कर देते है|
  3. यह डिस्क के इनपुट/आउटपुट नियंत्रक प्रोग्राम में त्रुटी उत्पन्न करते है|
  • फ़ाइल वायरस (File Virus) – यह वायरस कंप्यूटर की Files को नुकसान पहुचता है यह .exe फ़ाइल को नुक्सान पहुचता हैं इन्हें फाइल वायरस कहा जाता हैं|
  • गुप्त वायरस (Stealth Virus) – गुप्त वायरस अपने नाम के अनुसार कम्प्यूटर में User से अपनी पहचान छिपाने का हर संभव प्रयास करते है| इन्हें गुप्त वायरस कहा जाता हैं|
  • पॉलिमार्फिक वायरस (Polymorphic Virus) – यह वायरस अपने आप को बार – बार बदलने की क्षमता रखता है ताकि प्रत्येक संक्रमण वास्तविक संक्रमण से बिल्कुल अलग दिखे | ऐसे वायरस को रोकना अत्यंत कठिन होता है क्योकि प्रत्येक बार ये बिल्कुल अलग होता है |
  • मैक्रो वायरस (Macro Virus) – मैक्रो वायरस विशेष रूप से कुछ विशेष प्रकार के फ़ाइल जैसे डाक्यूमेंट, स्प्रेडशीट इत्यादि को क्षतिग्रस्त करने के लिए होते है | ये वायरस केवल Micro Software Office की फाइलों को नुकसान पहुचता हैं|

computer virus notes

वायरस का इतिहास

आधुनिक वायरस में C Brain नाम का पहला वायरस माना जाता है जो पूरे विश्व में बड़े स्तर पर फैला था | इस वायरस को एक समाचार का रूप मिला था क्योकि इस वायरस में वायरस बनाने वाले का नाम, पता तथा इसका विशेषाधिकार वर्ष (1986) मौजूद था | उस प्रोग्राम में दो पाकिस्तानी भाइयो बासित तथा अमजद का नाम उनके कम्पनी का नाम तथा पूर्ण पता उपलब्ध था| उस समय वायरस बिल्कुल नया था अत: लोगो ने इसके बारे में बहुत गंभीरता से नही सोचा |

सन 1988 के प्रारम्भ में मैकिन्टोश शांति वायरस उभरा | यह वायरस एक पत्रिका मैकमैग (MacMag) के प्रकाशक रिचर्ड ब्रेनड्रा (Richard Brando) की ओर से था | इस वायरस को मैकिन्टोश आपरेटिंग सिस्टम को बाधित करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था तथा 2 मार्च 1988 को निम्नलिखित सन्देश स्क्रीन पर आया –
रिचर्ड ब्रेनडा, मैकमैग के प्रकाशक तथा इसके कर्मचारी दुनिया के लिए समस्त मैकिन्टोश प्रयोक्ताओ को विश्व शांति का सन्देश देना चाहते है|
वायरस दिन प्रतिदिन समय के अनुसार आते गए तथा इससे बचने के लिए प्रयोक्ता ने इस समस्या का हल भी ढूँढना शुरू किया और तब वायरस विरोधी सॉफ्टवेयर का अविष्कार हुआ जो आज अपने आप में एक सम्पूर्ण उधोग है | परन्तु जैसे जैसे वायरस विरोधी सॉफ्टवेयर बनते गए, उसी गति से नये-नये वायरस भी बनाये जाने लगे | जब वायरस विरोधी सॉफ्टवेयर उधोग ने समझ लिया की अब उन्होंने इस पर नियंत्रण कर लिया है तभी मैक्रो वायरस का उदय हुआ | सामान्य वायरस क्रियान्वित योग्य फ़ाइलो तथा सिस्टम क्षेत्र को संक्रमित करते थे जबकि मैक्रो वायरस ने मइक्रो साफ्टवेयर वर्ड के फ़ाइलो को संक्रमिक करना शुरू किया |
इसके बाद कई वायरस का निमार्ण किया गया । जो अलग अलग प्रकार से कार्य करते है।

लक्षण :-
  1. कम्पुटर में उपयोगी सूचनाये नष्ट होना |
  2. डायरेक्ट्री में बदलाव करना |
  3. हार्ड डिस्क व फ्लापी डिस्क को फार्मेट करना |
  4. कम्प्यूटर की गति को कम करना |
  5. की-बोर्ड की कुंजियो का कार्य बदल देना |
  6. प्रोग्राम तथा अन्य फइलो का डाटा बदल देना |
  7. फइलो को क्रियान्वित होने से रोक देना |
  8. स्क्रीन पर बेकार की सूचना देना |
  9. बूट सेक्टर में प्रविष्ट होकर कम्प्यूटर को कार्य न करने देना |
  10. फइलो के आकार को परिवर्तित कर देना |

Wednesday, 2 May 2018

Run Commands

Run Commands in Windows 7

Program NameRun Command
About Windowswinver
Add a Devicedevicepairingwizard
Add Hardware Wizardhdwwiz
Advanced User Accountsnetplwiz
Authorization Managerazman
Backup and Restoresdclt
Bluetooth File Transferfsquirt
Calculatorcalc
Certificatescertmgr
Change Computer Performance Settingssystempropertiesperformance
Change Data Execution Prevention Settingssystempropertiesdataexecutionprevention
Change Printer Settingsprintui
Character Mapcharmap
ClearType Tunercttune
Color Managementcolorcpl
Command Promptcmd
Component Servicescomexp
Component Servicesdcomcnfg
Computer Managementcompmgmt
Computer Managementcompmgmtlauncher
Connect to a Network Projectornetproj
Connect to a Projectordisplayswitch
Control Panelcontrol
Create A Shared Folder Wizardshrpubw
Create a System Repair Discrecdisc
Credential Backup and Restore Wizardcredwiz
Data Execution Preventionsystempropertiesdataexecutionprevention
Default Locationlocationnotifications
Device Managerdevmgmt
Device Pairing Wizarddevicepairingwizard
Diagnostics Troubleshooting Wizardmsdt
Digitizer Calibration Tooltabcal
DirectX Diagnostic Tooldxdiag
Disk Cleanupcleanmgr
Disk Defragmenterdfrgui
Disk Managementdiskmgmt
Displaydpiscaling
Display Color Calibrationdccw
Display Switchdisplayswitch
DPAPI Key Migration Wizarddpapimig
Driver Verifier Managerverifier
Ease of Access Centerutilman
EFS REKEY Wizardrekeywiz
Encrypting File System Wizardrekeywiz
Event Viewereventvwr
Fax Cover Page Editorfxscover
File Signature Verificationsigverif
Font Viewerfontview3
Getting Startedgettingstarted
IExpress Wizardiexpress
Import to Windows Contactswabmig1
Internet Exploreriexplore1
iSCSI Initiator Configuration Tooliscsicpl
iSCSI Initiator Propertiesiscsicpl
Language Pack Installerlpksetup
Local Group Policy Editorgpedit
Local Security Policysecpol
Local Users and Groupslusrmgr
Location Activitylocationnotifications
Magnifiermagnify
Malicious Software Removal Toolmrt
Manage Your File Encryption Certificatesrekeywiz
Math Input Panelmip1
Microsoft Management Consolemmc
Microsoft Support Diagnostic Toolmsdt
NAP Client Configurationnapclcfg
Narratornarrator
New Scan Wizardwiaacmgr
Notepadnotepad
ODBC Data Source Administratorodbcad32
ODBC Driver Configurationodbcconf
On-Screen Keyboardosk
Paintmspaint
Performance Monitorperfmon
Performance Optionssystempropertiesperformance
Phone Dialerdialer
Presentation Settingspresentationsettings
Print Managementprintmanagement
Printer Migrationprintbrmui
Printer User Interfaceprintui
Private Character Editoreudcedit
Problem Steps Recorderpsr
Protected Content Migrationdpapimig
Registry Editorregedit
regedt324
Remote Access Phonebookrasphone
Remote Desktop Connectionmstsc
Resource Monitorresmon
perfmon /res
Resultant Set of Policyrsop
Securing the Windows Account Databasesyskey
Servicesservices
Set Program Access and Computer Defaultscomputerdefaults
Share Creation Wizardshrpubw
Shared Foldersfsmgmt
Snipping Toolsnippingtool
Sound Recordersoundrecorder
SQL Server Client Network Utilitycliconfg
Sticky Notesstikynot
Stored User Names and Passwordscredwiz
Sync Centermobsync
System Configurationmsconfig
System Configuration Editorsysedit5
System Informationmsinfo32
System Properties (Advanced Tab)systempropertiesadvanced
System Properties (Computer Name Tab)systempropertiescomputername
System Properties (Hardware Tab)systempropertieshardware
System Properties (Remote Tab)systempropertiesremote
System Properties (System Protection Tab)systempropertiesprotection
System Restorerstrui
Tablet PC Input Paneltabtip1
Task Managertaskmgr
Task Schedulertaskschd
Trusted Platform Module (TPM) Managementtpm
User Account Control Settingsuseraccountcontrolsettings
Utility Managerutilman
Version Reporter Appletwinver
Volume Mixersndvol
Windows Activation Clientslui
Windows Anytime Upgrade Resultswindowsanytimeupgraderesults
Windows Contactswab1
Windows Disc Image Burning Toolisoburn
Windows DVD Makerdvdmaker1
Windows Easy Transfermigwiz1
Windows Explorerexplorer
Windows Fax and Scanwfs
Windows Featuresoptionalfeatures
Windows Firewall with Advanced Securitywf
Windows Help and Supportwinhlp32
Windows Journaljournal1
Windows Media Playerdvdplay2
wmplayer1
Windows Memory Diagnostic Schedulermdsched
Windows Mobility Centermblctr
Windows Picture Acquisition Wizardwiaacmgr
Windows PowerShellpowershell1
Windows PowerShell ISEpowershell_ise1
Windows Remote Assistancemsra
Windows Repair Discrecdisc
Windows Script Hostwscript
Windows Updatewuapp
Windows Update Standalone Installerwusa
WMI Managementwmimgmt
WMI Testerwbemtest
WordPadwrite
XPS Viewerxpsrchvw

Saturday, 14 April 2018

Most interesting facts about tech

Interesting Technology & Computer 


  • The domain name www.youtube.com was registered on February 14, 2005.
  • If you opened up the case of the original Macintosh, you will find 47 signatures. One for each member of Apple’s Macintosh divison as of 1982.
  • Computer programming is currently one of the fastest growing occupations.
  • On an average work day, a typist’s fingers travel 12.6 miles.
  • TYPEWRITER is the longest word that can be made using the letters only on one row of the keyboard.
  • “Stewardesses” is the longest word that is typed with only the left hand.
  • The world’s first computer, called the Z1, was invented by Konrad Zuse in 1936. His next invention, the Z2 was finished in 1939 and was the first fully functioning electro-mechanical computer.
  • The first computer mouse was invented by Doug Engelbart in around 1964 and was made of wood.
  • Domain names are being registered at a rate of more than one million names every month.
  • There are approximately 1.06 billion instant messaging accounts worldwide.
  • The first banner advertising was used in 1994.
  • E-mail has been around longer than the World Wide Web.
  • The average computer user blinks 7 times a minute, less than half the normal rate of 20.
  • The average 21 year old has spent 5,000 hours playing video games, has exchanged 250,000 e-mails, instant and text messages and has spent 10,000 hours on the mobile phone
  • By the year 2012 there will be approximately 17 billion devices connected to the Internet.
  • While it took the radio 38 years, and the television a short 13 years, it took the World Wide Web only 4 years to reach 50 million users.
  • There are approximately 1,319,872,109 people on the Internet.
  • Bill Gates’ house was designed using a Macintosh computer.
  • Bill Gates, the founder of Microsoft was a college drop out.
  • The first domain name ever registered was Symbolics.com.
  • Another name for a Microsoft Windows tutorial is ‘Crash Course’!
  • Dell’s first advertisement was made on the back of a pizza box.
  • Yahoo! was originally called ‘Jerry’s Guide to the World Wide Web’.
  • Steve Jobs’ annual salary was $1, just enough to keep company health benefits.
  • The most productive day of the workweek is Tuesday.

Computer से जुड़े सभी Full Form

Computer से जुड़े सभी Full Form Computer Full Form : C =  COMMON O =  OBJECTIVE M =  MACHINE P =  PRACTICALLY U =  USED in T =  TRADE E...